March 1, 2024

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New Criminal Laws - अब बदल जाएगा IPC और CRPC, तीन नए आपराधिक विधेयकों को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दी मंजूरी…

New Criminal Laws – अब बदल जाएगा IPC और CRPC, तीन नए आपराधिक विधेयकों को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दी मंजूरी…

New Criminal Laws – Now IPC and CRPC will change, President Draupadi Murmu has approved three new criminal bills…

नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोमवार को अंग्रेज के दौर में बने तीन कानून के जगह पर तीन नए आपराधिक न्याय विधेयकों को मंजूरी दे दी है इसी के साथ यह तीनों ही विधेयक कानून बन गए हैं राष्ट्रपति ने सोमवार को New Criminal Laws भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम कानून को अपनी सहमति दे दी है यह तीन कानून मौजूदा औपनिवेशिक के भारतीय दंड संहिता ( IPC ), आपराधिक प्रक्रिया संहिता ( CRPC ) और इंडियन एविडेंस एक्ट ( IEA )1872 की जगह लेंगे।

New Criminal Laws

तीनों नए विधेयकों को संसद के दोनों सदन पहले लोकसभा फिर राज्यसभा ने पिछले हफ्ते ही पारित किया था और गुरुवार को संसद ने इन विधेयकों को मंजूरी दे दी थी, यह विधेयक कानून में अधिनियमित हो गए हैं केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने तीनों बिलों को ऐतिहासिक बताते हुए कहा था कि इन कानून से नागरिक के अधिकारों को सर्वाेपरि रखा जाएगा और महिलाओं एवं बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाएगी, राष्ट्रपति की मंजूरी मिलते ही ये तीनों बिल कानून में बदल गए हैं।

New Criminal Laws

नए युग की शुरुआत- गृहमंत्री अमित शाह
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने पिछले गुरुवार को उच्च सदन में एक बहस का जवाब देते हुए कहा था कि भारतीय दंड संहिता, आपराधिक प्रक्रिया संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम को निरस्त करने और प्रतिस्थापित करने वाले विधेयक आपराधिक न्याय प्रणाली में एक में युग की शुरुआत करेंगे।

कहां क्या हुआ बदलाव
भारतीय दंड संहिता ( IPC ) 1860 को भारतीय न्याय संहिता ( BNS ) से, CRPC 1898 को नागरिक सुरक्षा संहिता से और इंडियन एविडेंस एक्ट 1872 को भारतीय साक्ष्य अधिनियम में बदल दिया गया है।

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राजद्रोह अब देशद्रोह
भारतीय दण्ड संहिता IPC में धारा 124A थी, जिसमें राजद्रोह के अपराध में 3 साल से लेकर उम्रकैद की सजा का प्रावधान था, अब भारतीय न्याय संहिता में राजद्रोह की जगह देशद्रोह लिखा गया हैं, भारतीय न्याय संहिता में धारा 150 में देशद्रोह से जुड़ा प्रावधान किया गया हैं, धारा 150 में इसे भारत की संप्रभुता, एकता और अखंडता को खतरे में डालने वाले कृत्य के रूप में शामिल किया गया हैं।

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