Gorakhpur News: 20 Holi special trains will go through Gorakhpur, proposal sent
Gorakhpur। आगामी होली त्योहार के संभावित भीड़ को ध्यान में रखते हुए रेल प्रशासन ने अभी से तैयारी में लग गई हैं, पूर्वोत्तर रेलवे में 65 ट्रेनें चलाने का प्रस्ताव है, जिसमें गोरखपुर से होकर जाने वाली 20 ट्रेनें शामिल हैं। ये ट्रेनें 15 मार्च से चलाई जा सकती हैं।

मिली जानकारी के मुताबिक रेलवे बोर्ड को भेजे गए प्रस्ताव के अनुसार पूर्वोत्तर रेलवे में दिल्ली, मुंबई, सूरत, अहमदाबाद, हैदराबाद, लुधियाना, अमृतसर आदि शहरों के लिए होली स्पेशल ट्रेनें चलाई जाएंगी, जिसमें गोरखपुर जंक्शन से 20 ट्रेनें गुजरेंगी, इनमें गोरखपुर जंक्शन से सात स्पेशल ट्रेनें शामिल हैं। अन्य ट्रेनें बिहार से आएंगी। ये सभी ट्रेनें लोकमान्य तिलक टर्मिनस, अहमदाबाद, छत्रपति शिवाजी टर्मिनस, नई दिल्ली, आनंद विहार, लुधियाना आदि जगहों के लिए जाएंगी।

पूर्वांचल के लोग देश के विभिन्न बड़े औद्योगिक शहरों में रोजगार के लिए जाते हैं, और यह लोग दिवाली और होली में घर लौटते हैं, जिससे ट्रेनों में काफी भीड़ भी रहती है, इसलिए इन त्योहारों में ट्रेन का कंफर्म टिकट मिलना लगभग मुश्किल हो जाता है। लोग दो से तीन महीने पहले ही बुकिंग शुरू करा देते हैं।
दरअसल, बीते दिवाली में पूर्वोत्तर रेलवे में लगभग तीन लाख अतिरिक्त यात्रियों ने यात्रा की थी। उसी को ध्यान में रखते हुए होली में ट्रेनों की संख्या और उनके फेरे बढ़ाने की तैयारी की जा रही है, अभी स्थिति यह है कि वैशाली, गोरखधाम, बिहार संपर्क क्रांति, सप्तक्रांति आदि प्रमुख ट्रेनों में 20 से 24 मार्च के बीच दिल्ली से गोरखपुर के लिए कंफर्म टिकट नहीं मिल रहा है। यही हाल मुंबई, अहमदाबाद और लुधियाना आदि शहरों से आने वालों का है। इस हालत को देखते हुए रेल प्रशासन ने अभी से अपनी तैयारियां शुरू कर दी है। इस होली में घर आने वालों के लिए 15 मार्च से होली स्पेशल ट्रेनों का संचालन शुरू हो जाएगा और यह अप्रैल के प्रथम सप्ताह तक जारी रहेगा।

मार्च के पहले सप्ताह में शुरू होने की उम्मीद
होली स्पेशल ट्रेनों की घोषणा फरवरी के अंतिम सप्ताह में हो जाएगी, लेकिन इन ट्रेनों में बुकिंग मार्च के पहले सप्ताह में शुरू होने की उम्मीद है। अभी स्पेशल ट्रेनों के टाइम टेबल व किराए आदि का निर्धारण किया जा रहा है। इस बार रेलवे थर्ड एसी व स्लीपर कोच की संख्या अधिक रखने पर विचार कर रहा है, क्योंकि बीती दिवाली में सबसे अधिक मारामारी थर्ड एसी व स्लीपर क्लास में ही देखी गई थी।


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