अलीगढ़। शहर के थाना सासनीगेट क्षेत्र के एक मदरसे में बच्चों को जंजीर से बांधकर रखे जाने का मामला आया है। इस अमानवीय कृत्य का वीडियो वायरल होने पर पुलिस हरकत में आई। मौके पर जाकर देखा तो एक बच्चे के पैर में जंजीर बंधी हुई थी। पुलिस ने मौलवी को हिरासत में लिया है। मौलवी का कहना है कि बच्चे के भाग जाने के चलते ऐसा किया था। पुलिस ने बच्चे को माता-पिता को बुलाया है।
सोमवार को एक वीडियो इंटरनेट मीडिया पर वायरल हो रहा था, जिसमें तीन बच्चों के पैरों में जंजीर बंधी थी। जंजीर बंधे बच्चे पानी पीते नजर आ रहे थे। वीडियो मदरसे का बताया गया। पुलिस की इंटरनेट मीडिया सेल ने पड़ताल की तो पता चला कि वीडियो सही है और सासनीगेट थाना क्षेत्र के मोहल्ला लडिय़ा स्थित तालीम उल कुरान नाम से रजिस्टर्ड मदरसे का है। सीओ प्रथम राघवेंद्र सिंह ने बताया कि मौके पर पुलिस टीम भेजी गई तो एक बच्चे में पैर में जंजीर बंधी पाई गई। पुलिस ने मौलवी फहीमुद्दीन को हिरासत में ले लिया। वहीं बच्चे को जंजीर से मुक्त कराकर अपने साथ थाने ले आई।
सीओ के मुताबिक, मदरसे में 40 बच्चे रहते हैं, जिन्हें तालीम दी जाती है। वहीं आसपास के 20 बच्चे ऐसे भी हैं, जो दिन में आते हैं। मौलवी ने पूछताछ में बताया कि तीन बच्चों को बांधने का वीडियो लाकडाउन से पहले का पुराना है। बच्चों के माता-पिता की सहमति से उन्हें बांधकर रखा था। मौलवी ने वर्तमान में एक बच्चे को बांधकर रखने की बात भी स्वीकारी। कहा कि बच्चे के भाग जाने के डर से स्वजन की सहमति पर उसे बांधकर रखा था। इसकी पुष्टि के लिए सिविल लाइन थाना क्षेत्र के जमालपुर निवासी बच्चे के माता-पिता को बुलाया गया है। उनसे बातचीत के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।



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