रायबरेली। क्षेत्र में कुछ सफेदपोश दलाल योगी सरकार की निष्पक्ष न्याय प्रक्रिया स्थापित करने की मंशा पर पानी फेर रहे हैं। पूर्व के इंस्पेक्टर के तबादले के बाद लोगों ने राहत की सांस ली थी। लेकिन नवागंतुक इंस्पेक्टर को भी दलालों ने घेरना शुरू कर दिया है। क्षेत्र की सभी 60 ग्राम सभाओं के आम नागरिकों की आवाजें इस बारे में उठने लगी हैं की आखिर कब तक दलाल थाना चलाएंगे। कब तक फरियादियों को न्याय पाने के लिए दलालों की जेबें गर्म करने के लिए मजबूर होते रहना पड़ेगा।
इंस्पेक्टर हरिशंकर प्रजापति अपने पूरे कार्यकाल में दलालों से घिरे रहे।
सफेदपोश दलाल इंस्पेक्टर को रिश्वत का हिस्सा खिलाकर सारे गलत, सही काम करवाते रहे। कई मामलों में दलाली खाकर सफेदपोश ने कई कई बार तहरीर बदलवाने की साजिश किया। निर्दोषों को फंसा कर दोषियों को क्लीन चिट दिलाया। जिससे कि योगी सरकार की साख को हर बार बट्टा लगता रहा। सत्ता को अपनी बपौती समझने वाले और दलाली को अपना धंधा बनाने वाले कुछ सफेदपोश दलाल इसके नुकसान मूल्यांकन भले ही न कर पा रहे हों पर आम जनमानस इसका विधिवत मूल्यांकन कर रहा है। हरिशंकर प्रजापति के तबादले के बाद नवागंतुक इंस्पेक्टर बृजेश कुमार सिंह से क्षेत्र के हजारों-हजार लोगों को निष्पक्ष न्याय व्यवस्था स्थापित करने और खाकी की खोई हुई साख को वापस स्थापित करने को लेकर उम्मीदें हैं।
लेकिन हाल ही में खीरों थाने में तैनात किए गए इंस्पेक्टर को सफेदपोश दलालों ने फिर से अपने चंगुल में फंसाने का जाल फैला दिया है। लोगों को भय है कि दलाल अपनी मंशा में कामयाब हुए तो जरूरतमंद पीडि़तों व फरियादियों को न्याय पाने के लिए पहले की ही तरह दर-दर की ठोकरें खाने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है।



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