मथुरा। शादियों का मौसम चल रहा है। कोरोनाकाल के बाद शादियां अब पूरी रंगत से हो रही हैं। 28 और 29 नवम्बर को बडा सहालग है। शहर के अधिकांश मैरिज हाल और लॉन बुक हो चुके हैं। मौहल्लों और कॉलोनियों के पार्क में शादी समारोह आयोजित करने को मजबूर हैं। पार्किंग और अन्य समस्याओं को देखते हुए लोग मैरिज हाल को तरजीह दे रहे हैं। व्ृादावन के फूल कारोबारी प्रशांत अग्रवाल का कहना है कि ‘अच्छी बुकिंग को देखते हुए बाहर से फूल मंगाए जा रहे हैं। लाल गैंदा की अच्छी मांग है।
वहीं इन भीडभाड वाले समारोहों पर जिला प्रशासन की नजर है। नियमानुशार समारोहों में शराब परोशने से लेकर डीजे और बैण्ड बाजे बजाने तक की अनुमति लेनी होती है, लेकिन इन नियमों का पालन नहीं हो रहा है। जिला प्रदूषण अधिकारी अरविंद सिंह का कहना है कि बैंड बाजा व डीजे बजाने के लिए अनुमति लेने की आवश्यकता होती है। 75 डेसीबल से अधिक बजाने पर पाबंदी है। इससे अधिक तेज आवाज किसी के लिए भी खरतनाक को सकती है। शादी समारोह में तेज आवाज के साथ बज रहे डीजे-बैंड बाजों की धमक से कोसीकला में महिला का दिल का दौरा पडऩे से मौत की घटना के बाद इस ओर अधिकारियों का ध्यान गया है, हालांकि अधिकारिक तौर पर अभी नहीं कहा गया है कि महिला की मौत तेज ध्वनि की वजह से ही हुई लेकिन परिजनों के इस आरोप के बाद अधिकरी हरकत में आ गए हैं। रविवार की रात्रि में भगवती रोड पर गीता (55) की मौत हो गई थी।
वहीं दूसरी ओर जिलाधिकारी ने नवनीत सिंह चहल ने जिला आबकारी अधिकारी को लिखे पत्र में कहा है कि प्राय: यह देखा जा रहा है कि होटल, रेस्टोरेंट, क्लब, बैंक्वेट हॉल एवं मैरिज होम में पार्टी, शादी, नई साल एवं अन्य अवसरों पर समारोह आयोजित किए जा रहे हैं। जिसमें कार्यक्रम आयोजक अगंतुकों को मदिरा पान भी कराते हैं। ऐसे आयोजकों द्वारा आबकारी विभाग से नियमानुशार आकेजनली बार लाइंसेंस प्राप्त किया जाना अनिवार्य है। कुछ आयोजनकर्ताओं द्वारा आबकारी विभाग से अकेजनली बार लाइसेंस प्राप्त किए बिना ही मदिरा पान कराए जाने की जानकारी मिल रही है।
जिलाधिकारी ने जिला आबकारी अधिकरी को निर्देश दिए हैं कि वह अपने अधीनस्थ आबकारी निरीक्षकों के माध्यम से समस्त क्षेत्रों में स्थित होटल, रेस्टोरेंट, क्लब, बैंक्वेट हॉल एवं मैरिज होम का निरीक्षण करें और समारोहों में बिना अस्थाई लाइसेंस प्राप्त किए बिना मदिरा पान कराने वालों के खिलाफ कार्रवाही करें। वहीं शहर के आबकारी निरीक्षक ने बताया कि अभी तक तीर्थ स्थल घोषित किए गए क्षेत्र में लाइसेंस देेन या नहीं देने जैसा कोई आदेश नहीं आया है। लेकिन विभाग प्रतिबंधित क्षेत्र में लाइसेंस जारी करने से बच रहा है।


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