सिसवा बाजार-महराजगंज। सिसवा नगर पालिका परिषद में विकास के नाम पर इस कदर लूट मची है कि नाले को मौत का कुुुंआ बना दिया गया, वही नगर पालिका प्रशासन को जानकारी मिलने के बाद भी न जाने किस दबाव में कोई कार्यवाही नही कर रहा है, मौत के कुंआ के बारे में जानकारी होने व खबर चलने के बाद भी अधिशासी अधिकारी व प्रशासक द्वार अब तक नाले का न तो निर्माण कराया जा रहा है और न ही उसकी भराई करायी जा रही है ऐसे में लगता है यह अधिकारी कही कोई बड़े हादसे का इंतजार तो नही हो नही कर रहे है?
बताते चले सिसवा नगर पालिका परिषद बनने के बाद विकास के नाम पर सीमेंट वाली नालियों, सड़कों व नालों का निर्माण करवा रहा है लेकिन उसकी गुणवत्ता क्या है, ठेकेदार किस तरह मानक की धज्जिया उड़ा रहे है इसको देखने वाला कोई अधिकारी नही है, यानी यहां खुले लूट को भी सबकुछ ठीक माना रहा है, ऐसे में लगभग 10 माह पूर्व निचलौल बस स्टेण्ड के पास मुख्य सड़क के पूरब पानी निकासी के लिए लाखों खर्च कर सीमेंट वाले नाले का निर्माण करवाया गया, काम पूरा हुआ या फिर अधूरा है यह कोई नही जानता क्यों कि निर्माण के समय वहां न तो मानक और न कार्य के विषय मे कोई बोर्ड ही लगा था ऐसे में जनता को यह भी नही पता कि कितनी लागत है, कहां से कहा तक नाले का निर्माण होना है और मानक क्या है, इस तरफ ठेकेदार द्वार मनमाने ढ़ंग से जितनी मानक की धज्जियां उड़ायी जा सकती है उतनी मानक की धज्जियां उड़ाते हुए नाले का निर्माण कराया गया, लेकिन निर्माण के 6 माह बाद ही नाले का कुछ हिस्सा अपने आप ध्वस्त हो गया, जब कि नाले के बीच में महिला अस्पताल जाने वाली सड़क है और सड़क के नीचे कोई पाइप भी नही डाली गयी है, अब इस इस नाले का महत्व भी देखें कि निर्माण से लेकर बरसात मे भी इस नाले में पानी देखने को नही मिला और बिना पानी बहने वाले नाले का कुछ हिस्सा अपने आप ध्वस्त हो गया, ऐसे में साबित कर रहा है कि निर्माण में जमकर लूट के खेल को अंजाम दिया गया है।
बिना पानी वाले इस नाले के निर्माण होने और 6 माह मे ही कुछ हिस्सा अपने आप ध्वस्त होने की जानकारी मिलने के बाद भी न तो प्रशासक और न तो अधिशासी अधिकारी द्वारा कोई जांच या कार्यवाही की गयी, ऐसे मे ंयह तो साफ हो गया कि जो भी खेल चल रहा है यह सब जानते है। वही नाले को ध्वस्त होने पर लगभग 5 से 6 फिट का गड्ढा मुख्य सड़क के किनारे बन गया है, वहां मोड़ भी है और नाले को ध्वस्त हो कर गड्ढा बने हुए लगभग 2 माह होने जा रहा है लेकिन अधिकारी मामले को अंदेखा कर रहे है। जब कि पिछले सप्ताह इस खतरनाक गड्ढे की जानकारी जब अधिशासी अधिकारी को दी गयी तो उन्होने कहा ठीक है देखते है, हमने इस की खबर भी चलायी, मौत का कुंआ बने लगभग एक माह हो गया लेकिन साहब ने तो देखने की जहमत तक नही उठाये शायद इन्हे किसी बड़ी घटना का इंतजार तो नही है!


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