नई दिल्ली। मकर संक्रांति के शुभ अवसर से सनातन संस्कृति के पुनर्जागरण की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल की जा रही है। अखिल भारतीय देवालय पुनर्जीवन फाउंडेशन के माध्यम से उत्तर प्रदेश के विभिन्न प्राचीन और उपेक्षित मंदिरों के पुनः जीवनद्वार की प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी।
यह अभियान सनातन सेना द्वारा संचालित किया जा रहा है, जो वर्षों से देशभर में सनातन परंपरा, संस्कृति और मंदिरों के संरक्षण के लिए निरंतर संघर्षरत रही है।
पत्रकारों से चर्चा करते हुए सनातन सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुरजीत सिंह ने कहा आज भी उत्तर प्रदेश सहित देशभर में सैकड़ों वर्षों पुराने मंदिर ऐसे हैं, जो टूटे-फूटे ढांचे, उपेक्षा और सरकारी अनदेखी के कारण अपने पुनर्जीवन की प्रतीक्षा कर रहे हैं। ये मंदिर केवल ईंट-पत्थर नहीं, बल्कि हमारी आस्था, संस्कृति और इतिहास के साक्ष्य हैं।
उन्होंने आगे कहा कि सनातन सेना लंबे समय से मंदिर पुनर्जीवन की ठोस योजना पर कार्य कर रही थी, और वर्ष 2026 से इसे ज़मीन पर उतारने का निर्णय लिया गया है। उत्तर प्रदेश से शुरू होने वाला यह अभियान चरणबद्ध तरीके से पूरे देश में विस्तार लेगा।
भारतीय देवालय पुनर्जीवन फाउंडेशन के अंतर्गत मंदिरों की सफाई, जीर्णोद्धार, पूजा-पाठ की पुनर्स्थापना तथा समाज को मंदिरों से पुनः जोड़ने का कार्य किया जाएगा। यह पहल सनातन चेतना को पुनः जागृत करने और भारत की सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखने की दिशा में एक निर्णायक कदम मानी जा रही है।


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