महराजगंज। विदेशी मटर तस्करी को लेकर सिसवा व कोठीभार के पुलिसकर्मियों की अंदरूनी लड़ाई के मामले में वायरल वीडियो के बाद एसपी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जहां सिसवा चौकी इंचार्ज सहित 12 पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया. वही जांच के बाद मंगलवार की शाम पुलिस एसपी प्रदीप गुप्ता ने लाइन हाजिर सिसवा के चौकी इंचार्ज प्रवीण कुमार सिंह, आरक्षी शरद यादव, तुफान सिंह यादव, पृथ्वी सिंह चौहान व कोठीभार थाने के मुख्य आरक्षी छोटेलाल यादव को निलंबित कर दिया।
बताते चले सिसवा पुलिस चौकी पर तैनात एक सिपाही शरद यादव का एक वीडियो वायरल हुआ था. जिसमे सिपाही शरद यादव ने चौकी इंचार्ज प्रवीण कुमार सिंह पर आरोप लगाया कि उन्होंने तस्करी में पकड़ी गई गाड़ी को छोड़ दिया और विरोध करने पर चौकी इंचार्ज ने सिपाही के खिलाफ रपट लिख दी थी, ऐसे में नाराज सिपाही ने वीडियो वायरल कर चौकी प्रभारी की तस्करों से मिली भगत की कहानी का खोल दिया था. वीडियो वायरल होने के बाद इस मामले में जांच सीओ निचलौल को सौंपी गई, लेकिन सीओ ने जो जांच रिपोर्ट दी उसके अनुसार दरोगा ने तस्करी की गाड़ी पकड़ने के लिए सिपाही शरद यादव को बुलाया लेकिन वह नहीं आया. डयूटी से गायब था, इस वजह से उसके खिलाफ रपट लिखी गई, इसके बाद उसी शाम शरद यादव को लाइन हाजिर कर दिया गया लेकिन सीओ के जांच उस समय उलट गया जब दूसरे दिन एक और वीडियो व बातचीत का ऑडियो वायरल हो गया. वीडियो में तुफान नामक सिपाही का नाम सामने आया तो आडियो में कथित रूप से चौकी इंचार्ज व थाने के दीवान की बाच चीत थी।
इस पूरे मामले में पुलिस अधिक्षक ने चौकी इंचार्ज सहित 10 आरक्षी व 1 मुख्य आरक्षी को लाइन हाजिर कर दिया और जांच के आधार पर मंगलवार को लाइन हाजिर हुए चौकी इंचार्ज सिसवा सहित पांच पुलिसकर्मियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई कर दिया।


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