कानपुर । 6 शादी वाले इंस्पेक्टर के मामले में गुरुवार को नया मोड़ आ गया है। इंस्पेक्टर जिस महिला को पहचानने से इनकार कर रहे हैं। एसीपी की जांच में सामने आया है कि वह इंस्पेक्टर के सरकारी आवास कैंट में उनके साथ कई सालों से रहती है। उसके दो बच्चे हैं। मौजूदा समय में 3 महीने के गर्भ से भी है। महिला ने शादी के साक्ष्य भी जांच अधिकारी एसीपी कर्नलगंज को दिया है।
बच्चों का डीएनए करा लो साहब,दोनों बच्चे इंस्पेक्टर के ही है
फर्रुखाबाद की रहने वाली मंजू कठेरिया ने ग्वालटोली थाने के एडिश्नल इंस्पेक्टर अरुण कुमार को बीच सड़क 8 नवंबर को चप्पलों से पीटा था। इंस्पेक्टर ने भी महिला के साथ मारपीट की थी और पहचानने से भी इनकार कर दिया था। महिला ने बताया कि 2007 में हिंदू रीति-रिवाज से शादी की थी। इंस्पेक्टर अरुण से उन्हें दो बच्चे भी हैं। मंजू ने एसीपी से कहा कि अगर पुलिस को कोई शक हो तो दोनों बच्चों की डीएनए जांच करा ले। इससे साफ हो जाएगा कि दोनों बच्चे इंस्पेक्टर के ही हैं। एसीपी ने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो बच्चों की डीएनए जांच भी कराई जाएगी।
एफआईआर दर्ज करके समझौते का दबाव
पुलिस ने मंजू की तहरीर पर सिर्फ एनसीआर और आरोपी इंस्पेक्टर की तहरीर पर मंजू के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। महिला का आरोप है कि पुलिस आरोपी इंस्पेक्टर अरुण कुमार को बचाने की पूरी कोशिश कर रही है। थानेदार और एसीपी को बताया था कि मैं इनकी पत्नी हूं, इंस्पेक्टर से उनके दो बच्चे भी हैं। मौजूदा समय में वह इंस्पेक्टर के सरकारी आवास में रहती भी हूं। शादी के साक्ष्य भी दिए थे। इसके बाद भी ग्वालटोली थाना प्रभारी केके दीक्षित ने पुलिस मुजहमत, सरकारी कार्य में बाधा, मारपीट और धमकाने समेत गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज की थी। अब पुलिस एफआईआर के बदले समझौते का दबाव बना रही हैं।


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