नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को उस याचिका पर नोटिस जारी किया है जिसमें केंद्र सरकार को निर्देश देने की गुहार लगाई गई है कि कोविड-19 टीकाकरण के लिए लोगों से पहचान के तौर पर सिर्फ आधार कार्ड पेश करने के लिए दबाव न डाला जाए।
जस्टिस धनंजय वाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ ने शुरुआत में याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील से कहा, आप अखबार की रिपोर्ट पर नहीं जाइए। क्या आपने खुद कोविन एप्प को देखा है। इसे अपडेट किया गया है।
आप एप्प के एफएक्यू वाले खंड में जाइए। आप देखेंगे कि उसमें पहचान पत्रों की सूची है, जिसके माध्यम से आप टीकाकरण के लिए पंजीकृत कर सकते हैं। आप ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड आदि से पंजीकरण कर सकते है। इस पर वकील ने कहा कि यह सही है कि सात ऐसे पहचान पत्र हैं, जिसके द्वारा पंजीकरण किया जा सकता है, लेकिन टीकाकरण केंद्र पर लोगों से आधार की मांग की जाती है। केंद्रों पर कहा जाता है कि आधार के बिना टीकाकरण नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि नियम सिर्फ कागजों पर है। आधार कार्ड से लिंक होना अब भी जरूरी है। जिसके बाद पीठ ने याचिका पर परीक्षण करने का निर्णय लेते हुए सरकार को नोटिस जारी किया।



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