लखनऊ। विधानभवन के सामने मंगलवार दोपहर आत्मदाह का प्रयास करने वाले खाद्य विभाग के ठेकेदार नरेंद्र मिश्रा को हजरतगंज पुलिस ने गुरुवार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। नरेंद्र संभागीय खाद्य नियंत्रक (आरएफसी) कार्यालय में ठेकेदारी करते थें। उन्होंने मार्केटिंग इंस्पेक्टर आदित्य सिंह और उनके फुफेरे भाई सौरभ पर पुलिस की मिली फर्जी मुकदमा दर्ज कराकर जेल भेजने और प्रताडऩा का आरोप लगाया था।
इंस्पेक्टर हजरतगंज श्यामबाबू शुक्ला ने बताया कि नरेंद्र मिश्रा का आरएफसी के इंस्पेक्टर आदित्य सिंह और उनके रिश्तेदार से 1.25 करोड़ रुपये को लेकर विवाद चल रहा था। नरेंद्र मिश्रा के खिलाफ गोमतीनगर थाने में मुकदमा भी दर्ज हुआ था। उसकी विवेचना तालकटोरा थाने से की जा रही थी। बीते 24 जून को नरेंद्र को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। जमानत पर छूटने के बाद विधानभवन के सामने आत्मदाह का प्रयास करके शांति भंग करने की कोशिश की थी। इस कारण उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है।
आत्मदाह के प्रयास के पहले कुछ लोगों को वाट्सएप पर भेजा था मैसेज
आत्मदाह के प्रयास से पहले नरेंद्र ने कुछ लोगों को वाट्सएप पर मैसेज भी भेजा था। मैसेज में उन्होंने लिखा कि यूपी राजधानी लखनऊ के संभागीय खाद्य नियंत्रक (आरएफसी)कार्यालय में ठेकेदारी करता हूं। यहां के मार्केटिंग इंस्पेक्टर आदित्य सिंह उनकी बुआ की बेटे सौरभ सिंह मेरे साथ विभागीय ठेकेदारी में साझेदार हैं। उन्होंने 1.25 करोड़ रुपये के गबन का झूठा आरोप लगा जेल भिजवा दिया। मेरी कहीं सुनवाई न होने पर आत्मदाह के सिवाय कोई और रास्ता नहीं बचा। मुख्यमंत्री, जिलाधिकारी व संबंधित लोगों को पूरी जिम्मेदारी के साथ अवगत करा रहा हूं कि 24 आगस्त को विधानभवन के सामने आत्मदाह करुंगा।
जारी किया था एक विवादित बयान
सूत्रों के मुताबिक आत्मदाह के प्रयास के बाद नरेंद्र ने एक विवादित बयान भी जारी किया था। जिसको लेकर काफी चर्चा रही थी। विवादित बयान इंटरनेट मीडिया पर भी वायरल हुआ था।



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