कानपुर। कहर ढा रही कड़ाके की सर्दी जानलेवा बनी है। घर से बाहर निकलने में जरा सी लापरवाही या चूक लोगों पर भारी पड़ रही है। कानपुर देहात में एक शिक्षक समेत तीन लोगों की सर्दी की चपेट में आने से जान चली गई। सर्दी से मरने वालों की संख्या बढ़कर 53 हो गई है।
मौसम के उतार चढ़ाव के बाद भी जिले में शीतलहर का कहर जारी है। बड़ी संख्या में लोग उल्टी दस्त, पेट दर्द खांसी जुकाम,सीने में दर्द आदि से पीड़ित होकर अस्पतालों में पहुंच रहे हैं। सोमवार को जिला अस्पताल में 405 नए मरीज इलाज कराने को ओपीडी में आए। इनमें से अधिकांश को दवा देकर टरका दिया गया। इनमें गंभीर रोगियों को ही भर्ती कर उपचार शुरू हुआ।
वहीं कड़ाके की सर्दी श्वास,हृदय रोग व गंभीर बीमारी से पीड़ित मरीजों व बुजुर्गों के लिए जानलेवा बन रही है। इससे मौतों का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है। सोमवार को अकबरपुर ब्लॉक के कुइत मंदिर गांव के रहने वाले परिषदीय शिक्षक बाबू सिंह (58) की सर्दी लगने व घबराहट के साथ सीने में दर्द से हालत बिगड़ गई। उनको पुत्र गोविंद व परिजन जिला अस्पताल लाए। यहां इमरजेंसी ड्यूटी पर मौजूद डा. निशांत पाठक ने परीक्षण के बाद उनको मृत घोषित कर दिया। इससे कोहराम मच गया। इसके बाद परिजन शव लेकर वहां से चले गए।
इसी तरह रूरा थाना क्षेत्र के भंवरपुर गांव की बिटानी देवी (80) की भी सर्दी लगने से हालत बिगड़ गई। पुत्र देशराज व परिजन उनको भी जिला अस्पताल लाए। यहां इमरजेंसी ड्यूटी पर मौजूद डाक्टर ने परीक्षण के बाद उनको भी मृत घोषित कर दिया। इससे कोहराम मच गया। बाद में उनके भी परिजन कार्रवाई से इनकार करने के बाद शव लेकर चले गए। इधर शिवली कोतवाली क्षेत्र के प्रतापपुर की रहने वाली प्रेमवती (40) की सर्दी लगने पर परिजन उनको कानपुर में इलाज के लिए ले गए थे। वहां उनकी मौत हो गई। शव गांव पहुंचते ही कोहराम मच गया। पुत्र प्रांशू ने बताया कि सर्दी लगने से उनकी हालत बिगड़ी थी।


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