बाराबंकी। जालसाजी कर चेकों पर सेक्रेटरी के फर्जी हस्ताक्षर बनाकर 10 लाख 92 हजार रुपये डकारने वाले ग्राम प्रधान की जमानतयाचिका विशेष न्यायाधीश एससीएसटी एक्ट अशोक कुमार यादव ने खारिजकर दी।
विशेष लोक अभियोजक सुनीत अवस्थी ने अभियोजन कथानक का व्योरा देते हुए बताया कि थाना बदोसराय की ग्राम पंचायत मोहिउद्दीनपुर के तत्कालीन ग्राम प्रधान प्रेम कुमार निवासी कसरैलाडीह विकास खण्ड सिरौलीगौसपुर ने माह अप्रैल 2019 से माह अगस्त 2019 तक के मध्य चेकों पर ग्राम पंचायत विकास अधिकारी/सेक्रेटरी उमेश कुमार वर्मा के फर्जी हस्ताक्षर अलग अलग तिथियों में बनाकर विभिन्न चेकों के द्वारा बैंक आफ इंडिया शाखा मरकामयू के ग्राम निधि खाता संख्या 752810210000039 से 10 लाख 92 हजाररुपये निकाल कर दुरुपयोग कर लिया था। ग्रामपंचायत विकास अधिकारी उमेश कुमार वर्मा ने जानकारी होने पर थाना बदोसराय में अपराध अंक 245/19 पर धारा 419,420,409 के तहत प्रधान प्रेम कुमार के विरुद्ध एफआईआरदर्ज कराई थी। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के द्वारा प्रस्तुत तर्काे व तथ्यों का विशेष लोक अभियोजक सुनीत अवस्थी ने कड़ा विरोधकर कहा कि फारेंसिक जांच में यह साबित हुवा है कि चेकों पर जो हस्ताक्षर सेक्रेटरी के बनाये गए हैं वे उनके असल हस्ताक्षर से मेल नहीं खाते।उन्होंने कहा कि करीब 11 लाख रुपये सरकारी धन को फर्जी तरीके से निकालकर गवन कर प्रधान ने बड़ा अपराध किया है,तथा जमानत योग्य मामला नहीं है।
दोनों पक्षों के तर्क सुनने के बाद न्यायाधीश अशोक कुमार यादव ने प्रधान की जमानतयाचिका खारिज कर दी।


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