मजाक बना भैंसहा का पीपापुल, फिर वही कहानी, पीपापुल ध्वस्त और आवागमन बंद

मजाक बना भैंसहा का पीपापुल, फिर वही कहानी, पीपापुल ध्वस्त और आवागमन बंद

खड्डा-कुशीनगर। खड्डा क्षेत्र के नारायणी नदी के भैंसहा ठोकर न0 3 के पास बना पीपापुल विभागीय लापरवाही और उदासीनता के कारण ध्वस्त हो जाने से रेता क्षेत्र के लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, अगर यह कहा जाए कि रेता क्षेत्र के लोगों के साथ मजाक होने के साथ पीपापुल के आड़ में भ्रष्टाचार का खेल चल रहा है तो गलत नही होगा,क्यों कि यह हर दो माह बाद मरम्मत होता है और फिर वही कहानी, पीपापुल ध्वस्त और आवागमन बंद।

बताते चले कुशीनगर जिले के खड्डा तहसील के साथ ही महराजगंज जिले के निचलौल तहसील के कई गांव रेता क्षेत्र में आते है और उनका तहसील पर आने के लिए नारायणी नदी को नाव से पार करना होता है या फिर बिहार के रास्त लम्बी दूरी तय कर तहसील मुख्यालय या फिर जिला मुख्यालय ही नही बल्कि अपने थाना तक आना पड़ता है, ऐसे में पिछले दो साल पूर्व तत्कालीन विधायक जटाशंकर त्रिपाठी द्वारा भैंसहा ठोकर न0 3 के पास बना पीपापुल का निर्माण करवाया गया कि रेता क्षेत्र के लोगों को आने जाने में परेशानियों का सामना न करना पड़े।

तत्कालीन लोक निर्माण मंत्री व वर्तमान उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या ने स्वयं आकर भव्य समारोह में इस पीपापुल का लोकार्पण किया था लेकिन लोकार्पण के बाद से ही यह पीपा पुल लगातार क्षतिग्रस्त होता रहा और कभी भी सुचारू रूप से छः महीने नहीं चल पाया और मरम्मत के नाम पर विभाग का खेल शुरू हो गया जो आज भी चल रहा है, बार-बार मरम्मत होता है लेकिन लेकिन नारायणी की धारा अपने साथ विभाग के भ्रष्टाचार को बहा ले जाती है, यह पीपा पुल कई बार ध्वस्त और मरम्मत हो चुका है, अब रेतावासियों को पुनः लगभग 50 किलोमीटर की दूरी तय कर तहसील मुख्यालय आना होगा।

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