यौन उत्पीडऩ का विरोध करना पड़ा महंगा, देवर ने महिला सहित मासूम बच्चे को जिंदा जलाया

यौन उत्पीडऩ का विरोध करना पड़ा महंगा, देवर ने महिला सहित मासूम बच्चे को जिंदा जलाया

मदद के लिए चिल्लाई, तो उन दोनों को काट डाला

चेन्नई । तमिलनाडु के डिंडीगुल जिले के नाथम गांव के पास शनिवार 2 मार्च को एक महिला और उसके डेढ़ साल के बच्चे को उसके देवर ने जिंदा जला दिया। पीड़ितों की पहचान 22 वर्षीय अंजली और उसके बच्चे मलारविझी के रूप में हुई है। उसकी शादी दिहाड़ी मजदूर शिवकुमार से हुई थी, और वे एक संयुक्त परिवार के रूप में एक साथ रहते थे। शिवकुमार के भाई करुप्पैया (30) ने कथित तौर पर अंजली के साथ दुर्व्यवहार किया था और उसे प्रताड़ित भी करता था।

शनिवार को जब अंजली भेड़-बकरियों के पास गई थी तभी करुप्पैया ने उसका पीछा किया और उसका यौन शोषण करने का प्रयास किया। उस समय शिवकुमार काम पर चला गया था। जब अंजली, जो अपने बच्चे के साथ थी, मदद के लिए चिल्लाई, तो कररूपैया ने उन दोनों को काट डाला।

इसके बाद उसने दोनों घायलों को आग के हवाले कर दिया। घटना की जानकारी होने पर स्थानीय लोगों ने करुप्पैया की पिटाई कर दी। इसके बाद उसे डिंडीगुल के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
पीड़िता के पति शिवकुमार की शिकायत के आधार पर पुलिस ने करुप्पैया के खिलाफ आईपीसी की धारा 302 और 201 के तहत मामला दर्ज किया।

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