Russia-Ukraine War : पुतिन के शांति प्रस्ताव को यूक्रेनी राष्ट्रपति ने किया स्वीकार, रूस के जोरदार हमले के बीच पोलैंड बॉर्डर पर शरणार्थियों की भीड़

Russia-Ukraine War : पुतिन के शांति प्रस्ताव को यूक्रेनी राष्ट्रपति ने किया स्वीकार, रूस के जोरदार हमले के बीच पोलैंड बॉर्डर पर शरणार्थियों की भीड़

           कीव। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है तथा शांति और युद्धविराम पर बातचीत करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने अपने फेसबुक अकाउंट पर लिखा,मैं उन आरोपों का खंडन करता हूं जिसमें कहा जा रहा था कि हमने बातचीत करने से इनकार कर दिया है। यूक्रेन हमेशा से शांति और युद्धविराम पर बातचीत के लिए तैयार रहा है। यह हमारी स्थायी स्थिति है। हमने रूसी राष्ट्रपति के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है।
                 उधर, यूक्रेन पर रूसी हमला तीसरे दिन भी जारी रहा। एक बहुमंजिला इमारत पर मिसाइल अटैक हुआ, जिसके बाद स्थानीय लोगों ने फंसे हुए लोगों को निकाला। गुरुवार रात से ही यूक्रेन की राजधानी कीव के बाहरी इलाकों में भीषण लड़ाई छिड़ी हुई है। इससे पूरे यूक्रेन में तबाही का मंजर नजर आ रहा है। हमलों से सहमे लोगों ने बेसमेंट में शरण ली है। रात हो या दिन, सहमे हुए लोग धमाकों से बचने की जद्दोजहद में लगे हुए हैं। इधर, रूस के हमले झेल रहे आम लोगों ने भी गुरुवार रात को हथियार उठा लिए। इससे पहले, रूसी सेना को रोकने के लिए यूक्रेनी सेना ने शहर की तरफ आने वाले पुल को विस्फोट से उड़ा दिया। इधर, जंग के हालात से बचकर निकलने वाले लोग पोलैंड बॉर्डर पर जमा हो गए हैं। इससे यहां शरणार्थियों की भीड़ जमा हो गई है। पोलैंड बार्डर पर शरणार्थियों की भीड़ लगी हुई है।
           बातचीत के स्थान और समय के बारे में विचार-विमर्श चल रहा है। जितनी जल्दी वार्ता शुरू होगी, सामान्य जीवन को जल्द से जल्द पटरी पर लाने की संभावना उतनी ही मजबूत होगी। रूसी राष्ट्रपति के प्रेस सचिव दिमित्री पेसकोव ने पहले कहा था कि पुतिन यूक्रेन के साथ बातचीत के लिए मिन्स्क में एक प्रतिनिधिमंडल भेजने के लिए तैयार हैं। बाद में, उन्होंने कहा कि बेलारूसी राजधानी शहर में वार्ता आयोजित करने की पहल के जवाब में यूक्रेनी पक्ष ने वारसॉ को एक संभावित स्थान के रूप में सुझाया था और इसके बाद कोई बातचीत नहीं हो पाई। पुतिन ने  सुबह एक टेलीविजऩ संबोधन में कहा था कि डोनबास गणराज्यों के प्रमुखों के अनुरोध के जवाब में उन्होंने लोगों की रक्षा के लिए एक विशेष सैन्य अभियान चलाने का निर्णय लिया था । ये लोग पिछले आठ साल से यूक्रेन सरकार के दुर्व्यवहार को झेल रहे थे और नरसंहार का शिकार हुए थे।
           रूसी राष्ट्रपति ने जोर देकर कहा था कि रूस की यूक्रेनी क्षेत्रों पर कब्जा करने की कोई योजना नहीं है। घटनाक्रमों को स्पष्ट करते हुए, रूसी रक्षा मंत्रालय ने आश्वस्त किया कि रूसी सैनिक यूक्रेनी शहरों को लक्षित नहीं कर रहे हैं। वह केवल हवाई हमलों और यूक्रेनी सेना के बुनियादी ढांचे को ही ध्वस्त कर रहे हैं। रक्षा मंत्रालय ने कहा कि नागरिक आबादी को कोई खतरा नहीं है।

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